Xossip

Go Back Xossip > Mirchi> Stories> Hindi > हिंदी सेक्स कहानियाँ

Reply Free Video Chat with Indian Girls
 
Thread Tools Search this Thread
  #291  
Old 19th January 2010
raj2761 raj2761 is offline
Custom title
 
Join Date: 9th March 2008
Posts: 1,149
Rep Power: 18 Points: 1279
raj2761 is a pillar of our communityraj2761 is a pillar of our communityraj2761 is a pillar of our communityraj2761 is a pillar of our communityraj2761 is a pillar of our communityraj2761 is a pillar of our community
UL: 3.45 gb DL: 13.94 gb Ratio: 0.25
उसके मुँह से आह आह ऊ ऊह आह..की आवाजें आ रही थी... उसकी गांड बहुत ही ज्यादा मस्त थी, उसको सहलाते हुए मैंने उसका पेटीकोट नीचे खिसका दिया... क्या माल थी ! मै कैसे बयाँ करूँ शब्द नहीं है मेरे पास ! गोरी संगमरमर जैसी जांघें ... काली पैंटी में बहुत ही खूबसूरत लग रही थी। मैंने महसूस किया कि उसकी पैंटी गीली हो चुकी थी। मैंने अपने दाँतों से उसकी पैंटी नीचे खिसका दी।


उसकी चूत पर हल्के-२ काल बाल थे। मैंने अपने होटों को उसके नीचे के होटों से मिला दिया.. और जी भर के चूसने लगा .... वो आह अहः आह ओह्ह के साथ बोल रही थी- आज तुम्हीं मेरे मालिक हो ! मेरी प्यास बुझा दो ! मेरे पति से कुछ नहीं होता ! मुझे गरम कर के खुद लुढ़क जाते हैं .. आज तुम मिले हो, मेरी आग बुझा दो ...


मैं उसकी चूत चूस रहा था, तभी वो पलटी और मेरी जींस उतार दी, अंडरवियर भी और मेरे ७ इंच के लंड को मुँह में ले कर लॉलीपोप की तरह चूसने लगी...


मैं भी जोश में आ कर उसके मुँह में धक्के मारने लगा। कुछ देर बाद मैं झड़ गया और यहाँ इसकी चूत ने भी पानी फेंक दिया... वो मेरा और मैं उसका सारा अमृत जल पी गये...



इसके बाद मैंने उसे कुतिया स्टाइल में होने को कहा। शायद वो सब जानती थी, झट से अपनी गांड खोल कर झुक गई। मैंने पीछे से उसकी चूत में लंड पेल दिया। कई सालों से लंड खा रही थी सो आराम से झेल गई मेरा ७ इंच का लौडा... मैंने भी जोर जोर से चुदाई शुरु कर दी...


उसके मुँह से पता नहीं क्या-२ निकल रहा था ...चोदो मेरे राजा... मेरे पति का तो अब खड़ा भी नहीं होता ! सही से मुझे तुम से जवान मर्द की तलाश थी ... भोसड़ा बना दो आज मेरी चूत का ... आह्ह ... ऊह ... उम्म्म ... राजा .... आह्ह ... उम्म्म ... सीई ... सीई .. मेरे राजा मेरे मालिक ...
मैं भी अपनी मस्ती में पेले जा रहा था... अचानक उसका जिस्म अकड़ने लगा- और जोर से मेरे राजा ! मेरा होने वाला है ! आज तीन साल बाद मेरी आग बुझेगी और जोर से.. आह ... उम्म्म्म... सीई .... आः....


और उसकी चूत ने लावा फेंक दिया.. मैं भी मंजिल पर पहुँचने वाला था ... मैंने स्पीड बढ़ा दी ...१०-१५ झटकों में ही मैंने अपनी आग उसके भोंसड़े में भर दी...




Reply With Quote
  #292  
Old 19th January 2010
sumit91's Avatar
sumit91 sumit91 is offline
 
Join Date: 8th December 2009
Posts: 41
Rep Power: 12 Points: 51
sumit91 is beginning to get noticed
visit my thread also
http://www.xossip.com/showthread.php?t=642391

Last edited by sumit91 : 19th January 2010 at 05:41 PM.

Reply With Quote
  #293  
Old 28th January 2010
raj2761 raj2761 is offline
Custom title
 
Join Date: 9th March 2008
Posts: 1,149
Rep Power: 18 Points: 1279
raj2761 is a pillar of our communityraj2761 is a pillar of our communityraj2761 is a pillar of our communityraj2761 is a pillar of our communityraj2761 is a pillar of our communityraj2761 is a pillar of our community
UL: 3.45 gb DL: 13.94 gb Ratio: 0.25

एक कच्ची कली सौम्या


मैं कुछ समय पहले अपने पड़ोस में रहने वाली दूर के रिश्ते में लगने वाली मौसी की छोटी लड़की, जिसका नाम सौम्या था, उसके भाई को पढ़ाने मैं हर शाम जाता था। वह अट्ठारह साल की थी और दिखने में ख़ूबसूरत थी, उसकी चूचियाँ अपेक्षाकृत काफी बड़ी थीं, जिन्हें देखकर मेरा लंड खड़ा हो जाता था और उसे चोदने का भी मन करता था। मैं उसके भाई को पढ़ा कर अक्सर कमरे से बाहर आ जाता और सौम्या से बातें किया करता था।


मुझे पता ही नहीं चला कि हम दोनों में कब प्यार हो गया और अब हम एक-दूसरे से फोन पर ढेर सारी बातें किया करते थे। सौम्या से मैं बातें करते हुए कभी उसके हाथ पकड़ लेता तो कभी उसके गले में हाथ डालकर उसकी चूचियाँ छूता, तो कभी उन्हें दबा भी देता था। लेकिन सौम्या इन सब के लिए कुछ भी नहीं कहती थी और मुस्कुरा देती थी। अक्सर उसकी चूचियों की गोलाईयों को छू कर मेरा मन बेक़ाबू हो उठता था। कभी-कभी मैं उसकी चूचियों को उसके कपड़ों से बाहर निकाल कर देर तक चूसता रहता था, तो कभी उसके कुर्ते में अपना हाथ डाल कर ब्रा के ऊपर से ही तो कभी अन्दर हाथ डालकर उन्हें दबाता था। कभी तो उसकी चूत में अपनी ऊँगली डालकर सौम्या की सिसकियाँ निकाल देता था। सच दोस्तों, उन हसीन पलों को मैं कभी नहीं भूल सकता हूँ। सौम्या एक कच्ची कली थी जिसका मैं मज़ा ले रहा था।


एक दिन सुबह जब मैं अपने घर से बाहर किसी काम से बाहर गया था तो मेरे पास सौम्या का फोन आया और वह कहने लगी कि आज उनके घर पर कोई भी नहीं है और वह नहाने जा रही है। यह सुनकर मेरे मन में सौम्या के नहाने वाली बात को सुनकर उसकी नंगी तस्वीर नज़र आने लगी और मैं उसे चोदने का विचार बनाने लगा।


मैंने सोचा कि आज मौक़ा है, पता नहीं कब मिले। मैं तुरन्त ही अपने काम को खत्म करके सौम्या के घर रवाना हो गया। जब मैं सौम्या के घर पहुँचा तो घर में उसकी सहेली थी। मैंने उससे पूछा कि सौम्या कहाँ है तो उसने कहा कि वह तो बाथरूम में नहा रही है।


यह सुनकर मेरा लंड और भी तेज़ी से खड़ा हो गया और मन ही मन उसके चोदने के ख्याली पुलाव बनाने लगा। मैंने सौम्या की सहेली से कहा कि मैं तो घर जा रहा हूँ। यह कह मैं उसके घर से बाहर आ गया और क़रीब पाँच मिनट बाद मैं वापस गया तो सौम्या की सहेली कमरे में थी और मैं चुपचाप बाथरूम में चला गया। वहाँ मैंने देखा कि सौम्या बिल्कुल नंगी थी, उसने केवल पैन्टी ही पहनी थी और उसके चेहरे पर साबुन लगा था।


उसका नंगा बदन देखकर मैं दंग रह गया। उसकी चूचियाँ इस तरह मेरे सामने थीं कि मानो मुझे अपनी वासना बुझाने के लिए आमन्त्रित कर रहीं हों। मैं सौम्या के पास जाकर साबुन उठाकर उसके गोरे जिस्म पर मलने लगा। सौम्या घबरा गई और फटाफट अपना मुँह धोते हुए पूछने लगी कि कौन है? तो मैंने बताया कि मैं हूँ तेरा यार.. और आज तुझे असली मज़ा दूँगा।

Last edited by raj2761 : 28th January 2010 at 02:40 PM.

Reply With Quote
  #294  
Old 28th January 2010
raj2761 raj2761 is offline
Custom title
 
Join Date: 9th March 2008
Posts: 1,149
Rep Power: 18 Points: 1279
raj2761 is a pillar of our communityraj2761 is a pillar of our communityraj2761 is a pillar of our communityraj2761 is a pillar of our communityraj2761 is a pillar of our communityraj2761 is a pillar of our community
UL: 3.45 gb DL: 13.94 gb Ratio: 0.25
सौम्या ने कहा, उसकी सहेली आ जाएगी, तो मैंने कहा कि अगर वह आ गई तो वह भी हमारे साथ इस ज़न्नत का मज़ा ले लेगी। यह कहते हुए मैंने उसकी दोनों चूचियों को पकड़ लिया और होंठों को पागलों की भाँति चूमने लगा। फिर उसकी चूचियों को बारी-बारी से चूसने लगा। सौम्या की चूचियाँ दबाने-चूसने में बड़ा मज़ा आ रहा था। अब सौम्या धीरे-धीरे गरम हो रही थी। उसने अपने ही हाथों से अपनी पैन्टी हटा दी और मेरे सिर को पकड़कर अपनी चूत चटवाने लगी और कहने लगी- "चाटो... आआआहहहहह... आआआहहहह.... शशशस्स्ससस...."


मैं अपनी जीभ से उसकी चूत को चाट रहा था। कभी उसकी जाँघों को चाटता तो कभी उसकी चूत में ऊँगली अन्दर-बाहर करता। उसकी चूत पर छोटे-छोटे बाल थे। वह मेरे सिर को पकड़कर अपनी चूत इस तरह से चटवा रही थी कि मानों उसका बस चले तो मेरा सिर चूत के अन्दर ही डाल दे।


अब मेरा लण्ड भी बाहर आने को तड़प रहा था और अपने बिल में घुसने को बेक़रार था। मैंने भी अपने कपड़े उतार दिए और अपना लंड सौम्या के हाथ में दे दिया और चूसने के लिए कहा तो सौम्या शरमाने लगी।


मैंने उससे कहा- तुम इसे मस्त करोगी तभी ये तुम्हें पूरा-पूरा मज़ा देगा।
तब सौम्या ने मेरा लण्ड चूसना शुरु किया। थोड़ी ही देर बाद मैंने सौम्या को फर्श पर लिटाकर उसकी चूत में अपना लंड डाल दिया। वह दर्द के मारे चिल्ला पड़ी। उसे काफ़ी दर्द हो रहा था। वह लंड निकालने को कहने लगी। लेकिन मैं कहाँ मानने वाला था, मैं उसकी चूचियों को पकड़कर उसके होंठों को चूमने लगा और धीरे-धीरे अपना लंड उसकी चूत में अन्दर-बाहर करने लगा। थोड़ी ही देर बाद मेरा लंड आधे से ज्यादा सौम्या की चूत के अन्दर चला गया। उसे भी पूरा मज़ा आने लगा।


मैं बीच-बीच में सौम्या की चूचियाँ भी चूस रहा था। बाद में मैंने सौम्या को दीवार के सहारे खड़ा करके पीछे से उसकी चूचियाँ पकड़कर उसकी चूत में पीछे से लण्ड डाल दिया। अब मैं उसकी ज़ोरों से चुदाई कर रहा था। इस मस्ती में हम भूल ही गए थे कि उसकी सहेली भी पास वाले कमरे में ही है।
सौम्या को चोदते हुए मेरे हाथ कभी उसकी चूचियों तो कभी उसकी चूत को सहला देते थे। इस बीच सौम्या झड़ चुकी थी। मैं भी क़रीब बीस मिनट बाद झड़ गया और अपना सारा माल सौम्या के मुँह में डाल दिया।


तभी सौम्या की सहेली की आवाज़ आई कि वह घर जा रही है। यह सुनकर हम दोनों खुशी से झूम उठे। हम दोनों काफी देर तक साथ रहे, नहाया और बाद में उसे अपनी बाँहों में उठाकर कमरे में बिस्तर पर लिटा दिया। वहाँ जाकर सौम्या मेरे लंड चूसने लगी, तभी मुझे एक ब्लू-फिल्म का एक दृश्य याद आया जिसमें पुरुष अपने लंड को लड़की की चूचियों के बीच की दरार में रखकर उसे आगे-पीछे करता है।


मैंने भी ठीक उसकी तरह सौम्या की चूचियों के बीच में अपना लंड रखकर उसे आगे-पीछे किया और बहुत देर तक उसकी चूचियों से खेलता रहा। उस दिन मैंने सौम्या को पाँच बार चोदा।




Reply With Quote
  #295  
Old 28th January 2010
maliksmart's Avatar
maliksmart maliksmart is offline
Loving Apple
 
Join Date: 22nd December 2009
Location: Noida
Posts: 22,017
Rep Power: 46 Points: 20777
maliksmart is one with the universemaliksmart is one with the universemaliksmart is one with the universemaliksmart is one with the universemaliksmart is one with the universe
Send a message via ICQ to maliksmart
UL: 2.41 gb DL: 608.56 mb Ratio: 4.05
nice stories

Reply With Quote
  #296  
Old 30th January 2010
raj2761 raj2761 is offline
Custom title
 
Join Date: 9th March 2008
Posts: 1,149
Rep Power: 18 Points: 1279
raj2761 is a pillar of our communityraj2761 is a pillar of our communityraj2761 is a pillar of our communityraj2761 is a pillar of our communityraj2761 is a pillar of our communityraj2761 is a pillar of our community
UL: 3.45 gb DL: 13.94 gb Ratio: 0.25
Quote:
Originally Posted by maliksmart View Post
nice stories

Reply With Quote
  #297  
Old 30th January 2010
raj2761 raj2761 is offline
Custom title
 
Join Date: 9th March 2008
Posts: 1,149
Rep Power: 18 Points: 1279
raj2761 is a pillar of our communityraj2761 is a pillar of our communityraj2761 is a pillar of our communityraj2761 is a pillar of our communityraj2761 is a pillar of our communityraj2761 is a pillar of our community
UL: 3.45 gb DL: 13.94 gb Ratio: 0.25


मेरे दोस्त की बहनों ने मुझे चोदा


Last edited by raj2761 : 30th January 2010 at 09:23 PM.

Reply With Quote
  #298  
Old 30th January 2010
raj2761 raj2761 is offline
Custom title
 
Join Date: 9th March 2008
Posts: 1,149
Rep Power: 18 Points: 1279
raj2761 is a pillar of our communityraj2761 is a pillar of our communityraj2761 is a pillar of our communityraj2761 is a pillar of our communityraj2761 is a pillar of our communityraj2761 is a pillar of our community
UL: 3.45 gb DL: 13.94 gb Ratio: 0.25
जो कहानी मैं आप लोगो को सुनाने जा रहा हूँ वो करीब 3 साल पुरानी है। आज तक आप लोगों ने सुना होगा कि एक लड़के ने लड़की का रेप किया तो क्या एक लड़की लड़के का रेप नहीं कर सकती?
जी हाँ ! मेरे साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ था !


मेरे एक दोस्त की चार बहनें है, चारों की शादी हो चुकी है पर तीन साल पहले वो चारों शादीशुदा नहीं थी। एक का नाम सोनू, दूसरी का नाम मोनू, तीसरी का नाम बबली और चौथी का नाम रीतू है। रीतू मेरी गर्लफ्रेंड थी और आज भी है। हम 7-8 लोग रोज़ छुपन छुपाई खेलते थे।
एक दिन हम बस पाँच लोग ही थे, मैं और वो चार लड़कियाँ !


सोनू बाजी दे रही थी और हम चार लोग छुपे हए थे, मैं और मेरी गर्लफ्रेंड एक साथ ही थे, वो बहुत ही सेक्सी थी वो मुझसे धीरे धीरे चिपकने लगी, मुझे होटों पर चूमने लगी। मुझे पहली बार किसी के होटों पर चूमा था। हम दोनों बेड के नीचे छुपे थे, वो धीरे धीरे मेरे ऊपर चढ़ने लगी, मुझे डर लगने लगा वो धीरे धीरे मेरे लंड की ओर अपना हाथ बढ़ाने लगी, मेरी पैंट की जिप खोल दी और मेरा लंड पकड़ लिया। मैं और डर गया !


मैंने उससे पूछा- यह क्या कर रही है तू ?
तो वो बोली- आप चुपचाप लेटे रहो !


और उसने मेरे होटों पर आपने होंट रख दिए और मेरा मुँह बंद कर लिया। वो धीरे धीरे मेरे लंड को हिलाने लगी और मेरा लण्ड खड़ा हो गया। अब मुझे भी बहुत अच्छा लगने लगा था। उसने मेरा लण्ड अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगी। मुझे बहुत गुदगुदी हो रही थी पर मजा भी बहुत आ रहा था। वो मेरा लण्ड चूसती रही।

तभी उसकी तीन बहनें और आ गई और मैं और वो दोनों ही बहुत डर गए थे। उसकी तीनों बहनें गुस्से से मुझे और उसे देखने लगी। अब हम पाँचों एक दूसरे की ओर देखने लगे। वो तीनों बहनें धीरे से मुस्कुराई ओर बोली- बेड के नीचे क्या कर रहे हो तुम दोनों? चलो बाहर चलो ! रीतू तू क्या अकेले ही सारा मज़ा ले लेगी ! हमें नहीं लेने देगी क्या !


और चारों बहनों ने मुझे बेड पर लिटा दिया, फिर सोनू बोली- तुम तीनों मज़े लो, मैं बाहर देखती हूँ कि कोई आना जाये ! ठीक है ?


सोनू बाहर चली गई, रीतू तो मेरे लंड से ही चिपकी रही, मोनू मुझे होटों पर किस करने लगी और बबली मेरे हाथ की बड़ी उंगली को अपनी चूत में डालने लगी पर मैं तो कुछ कर ही नहीं पा रहा था। अब रीतू झड़ने वाली थी इसलिए उसने अपने कपड़े उतारे, अपनी चूत मेरे लंड पर रख दी और मेरे लंड पर ऊपर-नीचे होने लगी। उसकी चूत बहुत ही टाइट थी मेरे लंड में दर्द होने लगा था पर चुदाई में बहुत मज़ा आ रहा था इसलिए मैं सारा दर्द सहन कर रहा था।


मोनू जोकि मेरे होटों को चाट रही थी, अब उसने भी अपने कपड़े उतार दिए थे पर अपनी चूत के मुँह को मेरे होटों पर रगड़ने लगी। मैंने भी उसकी चूत को जीभ से चाटना चालू कर दिया। तब तक बबली भी अपने कपड़े उतार चुकी थी। बबली तो बस मेरी उंगली से ही अपनी चूत चुदवा रही थी। तीनों ने मुझे अपने नीचे दबा रखा था।


मैं बहुत परेशान हो चुका था। मैंने तीनों को अपने ऊपर से हटाया और गुस्से में कहा- साली रंडियो ! एक एक कर के आओ ! कुत्तियो आओ !


तब मैंने पहले अपनी गर्लफ्रेंड रीतू को पकड़ा और बेड पर दोनों हाथ रखवाये और घोड़ी बना कर उसे चोदना शुरू किया। 15 मिनट तक चोदा, फिर मैं झड़ गया। सारा का सारा वीर्य उसकी चूत में ही छोड़ दिया। वो भी झड़ चुकी थी, मैने उसे कमरे से बाहर जाने को कहा तो वो बोली- क्यों जाऊँ?
मैंने बोला- तेरी दो बहनों को भी तो चुदना है !
तो रीतू बोली- तो मेरे सामने ही चोदो न !


मैने बोला- नहीं, तू चुदाई देखेगी तो फिर से चुदाने के लिए तैयार हो जायेगी और मुझमें इतनी ताकत नहीं है कि बार बार चोद पाऊँ !


और मैंने रीतू को बाहर का रास्ता दिखाया। अब मोनू की बारी थी, वो बहुत देर से बेचैन थी। मेरा लंड ढीला पड़ गया था, मैंने मोनू से कहा- मोनू, मेरी जान ! मेरे लंड को खड़ तो कर ! जान, तभी तो तुझे चोद पाऊँगा !

Reply With Quote
  #299  
Old 30th January 2010
raj2761 raj2761 is offline
Custom title
 
Join Date: 9th March 2008
Posts: 1,149
Rep Power: 18 Points: 1279
raj2761 is a pillar of our communityraj2761 is a pillar of our communityraj2761 is a pillar of our communityraj2761 is a pillar of our communityraj2761 is a pillar of our communityraj2761 is a pillar of our community
UL: 3.45 gb DL: 13.94 gb Ratio: 0.25
इतना बोलने की ही देर थी कि उसने मेरा लण्ड पकड़ा और झट से मुँह में लेकर चूसने लगी। धीरे धीरे मेरा लंड खड़ा हो रहा था और बबली खड़ी खड़ी सब देख रही थी और अपनी बारी का इंतजार कर रही थी, अपनी चूत में उंगली भी कर रही थी। मैंने मोनू की एक टांग अपने कंधे पर रखी और दूसरी टांग जमीन पर ही थी, मैंने उसे एक हाथ से कमर पर पकड़ रखा था, एक हाथ से उसके चुचे दबा रहा था और जोर जोर के धक्के मरता जा रहा था। वो बहुत चिल्ला रही थी, मैने उसके चुचे दबाना बंद कर उस हाथ से उसका मुँह बंद कर दिया और फिर 15-20 मिनट में मैं एक बार फिर झड़ गया और सारा वीर्य उसकी ही चूत में झाड़ दिया। लंड के निकलते ही उसने मेरा लंड फिर से चूसना शुरु कर दिया। मुझे लगा कि शायद वो अभी झड़ी नहीं है। फिर मैं जल्दी से उसकी चूत में उंगली करने लगा। 5 मिनट के बाद वो भी झड़ गई और बाहर चली गई।


अब बबली की बारी थी। बबली की चूत और गांड दोनों ही बहुत अच्छी थी। दोनों ही चीज बिना बाल के थी। पहले तो मैंने उसकी चूत में उंगली की, धीरे धीरे एक उंगली उसकी गांड में भी डाल दी। वो सिसकियाँ लेने लगी पर मेरे लंड पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा था। वो काम वासना के अंतिम चरण पर थी इसलिए उसने मुझसे कहा- राहुल प्लीज़ ! मुझ से ओर देर तक रुका नहीं जायेगा, मुझे जल्दी से चोदो !


मैने कहा- रंडी, अभी तो मेरा लंड खड़ा ही नहीं है तो कैसे चोदूँ तुझे !
तभी उसने मेरा लण्ड अपने मुँह में ले लिया और जोर जोर से चूसने लगी। धीरे धीरे मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया। मैने उसे बेड पर लिटाया, दोनों टाँगें अपने कंधे पर रखी और लंड उसकी चूत के मुँह पर रख कर एक जोर का धक्का मारा। वो बहुत जोर से चिल्लाई। आवाज़ सुन कर बाहर से आवाज़ आई- क्या हुआ बबली ? तेरी चूत फट गई क्या ?


मैं जोर जोर के धक्के लगाता रहा, वो चिल्लाती रही पर मैं तो अपने जोश में था, मैं कहाँ रुकने बाला था, धक्के मारता रहा, मारता रहा। मुझे उसकी गांड बहुत ही सुन्दर लग रही थी तो मैंने चूत को छोड़, गांड पर निशाना साधा। मैने उसकी गांड पर बहुत सा थूक फेंका और उंगली से पूरी गांड पर लगा दिया। धीरे धीरे उंगली उसकी गांड में अन्दर बाहर करने लगा। गांड जब थोड़ी नरम हुई तो मैंने अपना लण्ड उसकी गांड में डाल दिया।


वो फिर चिल्लाई और अपनी गांड को टाइट कर लिया। मेरा लंड अब उसकी गांड में फंसा था, मुझे भी दर्द हो रहा था। मैं धीरे धीरे उसकी गांड में अपना लंड अन्दर बाहर कर रहा था। वो धीरे धीरे नर्म होती जा रही थी और मेरी स्पीड धीरे धीरे तेज़ होती जा रही थी।


अब वो पूरी तरह से नर्म हो चुकी थी, मैं जोर जोर से धक्के लगा रहा था, वो धीरे धीरे चिल्ला रही थी। मैंने उसकी गांड और चूत बहुत देर तक मारी और अलग अलग तरीकों से उसे चोदा। वो तो दो बार पहले ही झड़ चुकी थी, अब वो तीसरी बार झड़ गई और उसके साथ ही मैं भी झड़ने वाला था।


मैंने अपना लंड जल्दी से बाहर निकला और उसके मुँह में डाल दिया। वो उसे चूसने लगी और मैं उसके मुँह में ही झड़ गया। वो मेरा सारा का सारा वीर्य पी गई। अब तीनों बहनें खुश थी, तीनों कमरे में आई और मुझे चूमने लगी।

Reply With Quote
  #300  
Old 30th January 2010
raj2761 raj2761 is offline
Custom title
 
Join Date: 9th March 2008
Posts: 1,149
Rep Power: 18 Points: 1279
raj2761 is a pillar of our communityraj2761 is a pillar of our communityraj2761 is a pillar of our communityraj2761 is a pillar of our communityraj2761 is a pillar of our communityraj2761 is a pillar of our community
UL: 3.45 gb DL: 13.94 gb Ratio: 0.25
अपने दोस्त की तीन बहनों को तो मैं चोद चुका था पर एक बच गई थी जिसका नाम सोनू था। सोनू सबसे बड़ी थी, उसकी उम्र करीब 25-26 साल की थी और उसकी कुछ महीनों बाद शादी भी होने वाली थी और वो हर वक़्त अपनी शादी की सुहागरात के बारे में सोचती रहती थी।


जब मैं तीनों लड़कियों को चोद रहा था तब वो सोनू हमें खिड़की से देख रही थी। जब मैं तीनो को पूरी तरह से चोद चुका था तब मुझे बहुत शांति मिली। पर मुझे क्या पता था कि एक और हैं चोदने के लिए, वो सबसे बड़ी थी इसलिए मैंने उसके साथ सेक्स करने के बारे में नहीं सोचा था। पर सोनू के मन में तो बस सेक्स ही घूम रहा था। वो कमरे में आई जिसमें हम चारों बैठे थे, मेरा हाथ पकड़ा, मैं डर गया। उसने मेरा हाथ पकड़ा और एक दूसरे कमरे में ले गई, कमरे की कुण्डी लगा दी। उसकी आँखों में जैसे खून उतर आया था, उसे देख कर मेरी गांड और फट गई। फिर सोनू ने मुझे बेड पर धक्का दे कर लिटा दिया उसकी तीनों बहनें खिड़की से सब कुछ देख रही थी। सोनू ने सीडी प्लेयर पर 'आशिक बनाया आपने' का गाना लगा दिया और वो मेरी तरफ देखने लगी। मैंने अपनी आंखे नीचे कर ली क्योंकि वो मुझसे उम्र में बहुत बड़ी थी। अब वो धीरे धीरे मेरी तरफ बढ़ने लगी।


मैं अपने मन में यही सोच रहा था कि यार जो काम मुझे करना चाहिए था, वो तो यह कर कही है, और डरना इसे चाहिए था, तो डर मैं रहा हूँ। फिर मैंने भी यह फैसला कर लिया कि सोनू जो करना चाहती है, करने देता हूँ। मैं भी तो देखूँ कि एक लड़की में कितना सेक्स होता है। बस फिर क्या था, मैं चुपचाप लेटा रहा, सोनू धीरे धीरे मेरे पैरों को चूमती चूमती ऊपर की ओर आने लगी। पर मुझे कुछ भी नहीं हो रहा था क्योंकि मैं पहले ही तीन लडकियों को अच्छी तरह चोद चुका था।


वो धीरे धीरे मेरे सीने पर आ गई और मेरे सीने को चूमने लगी, फिर गले को चूमने लगी। कुछ देर में सोनू मेरे होंटों को आम की तरह चूसने लगी। दो तीन बार तो सोनू ने मेरे होंटों को काटा भी, पर फिर भी मैं लेटा ही रहा। बहुत देर तक सोनू मेरे होंटों को चूसती रही और एक ही गाना बार बार चलता रहा। सोनू अपना एक हाथ धीरे धीरे नीचे की ओर ले गई और मेरी पैंट के ऊपर से ही मेरा लंड पकड़ लिया। लंड तो गहरी नींद में सो रहा था पर फिर भी सोनू मेरे लंड को नींद से जगाने में लगी हुई थी। सोनू ने मेरी पैंट की जिप खोली और मेरा लंड हाथ में ले लिया।


उसके गरम हाथों ने जैसे ही मेरा लंड पकड़ा, मेरे शरीर में बिजली सी दौड़ गई और मैंने सोनू को जोर से अपनी बाहों में भर लिया, इतनी जोर से पकड़ा कि सोनू चिल्ला पड़ी। खिड़की से सोनू की तीनों बहनें सब देख रही थी। मैंने सोनू से बोला- सोनू जी, पहले आप यह खिड़की बंद कर दो। नहीं तो तुम चारों बहनें मुझे मेरे घर नहीं जाने दोगी और मेरे अन्दर इतनी ताकत नहीं है कि एक के बाद एक की चुदाई कर सकूँ !


सोनू ने खिड़की बंद कर दी और फिर से वो मेरे ऊपर आ गई। अब सोनू धीरे धीरे ऊपर से नीचे की ओर चूमते हुए आने लगी और मेरे ठंडे लंड को अपने मुँह की गर्मी देने लगी। कुछ देर तक सोनू मेरे लंड को चूसती रही। सोनू ने मेरे लंड को चूसते-चूसते खड़ा कर दिया। फिर क्या था- लोहा गरम था, बस चोट मारना बाकी था। मैंने सोनू को कुतिया की तरह झुकने को कहा पर उसके मन में तो कुछ और ही चल रहा था।

Reply With Quote
Reply Free Video Chat with Indian Girls


Thread Tools Search this Thread
Search this Thread:

Advanced Search

Posting Rules
You may not post new threads
You may not post replies
You may not post attachments
You may not edit your posts

vB code is On
Smilies are On
[IMG] code is On
HTML code is Off
Forum Jump



All times are GMT +5.5. The time now is 07:09 PM.
Page generated in 0.02463 seconds