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View Poll Results: please let me know about your FANTASY
आप क्*या ज्*यादा पंसद कर रहे है- कबीले की स्*टोरी 2 15.38%
आप क्*या ज्*यादा पंसद कर रहे है- मेरी फैन्*टेसी 1 7.69%
आपकी सैकस फैन्*टसेी में कौन है- 0 0%
सास या माँ 5 38.46%
बहन या साली 3 23.08%
बेटी या बहू 0 0%
भाभी या सलहज 3 23.08%
चाची/ मामी या बुआ/मौसी 4 30.77%
दादी या नानी 1 7.69%
दर्द भरा सैक्*स बीडीएसएम 3 23.08%
एनल सैक्*स/ लेस्बियन 2 15.38%
खुले में अंग प्रदर्शन या सैक्*स 3 23.08%
ग्रुप सैक्*स 1 7.69%
सैक्*स वर्कर बनना 1 7.69%
pee fantasy 3 23.08%
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  #1  
Old 23rd December 2012
nudedevil1975 nudedevil1975 is offline
 
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Post सैक्*स का स्*वर्ग-काराई का कबीला और मेरी फेन&#

दोस्*तों, यहॉं आप डबल मजा पायेगें, मेरे इस जन्*म का जो इक्*कीसवीं सदी में हुआ है और मेरी पूर्वजन्*म की यादों का,,, जिनमें मैं आज से 155 वर्ष पूर्व काराई कबीले में रहा था, कबीले के ज्*येष्*ठ राजकुमार एवं बाद में राजा के रूप में।
एक और जहॉं काराई का कबीला सैक्*स के लिये स्*वर्ग था, वहॉं कोई वर्जना नहीं थी, सब कुछ खुला एवं कुछ मामलों में आज के समाज से भी आगे,,,, और वहॉं वो सब जायज और बडे ही सुन्*दर तरीके से होता था जो आज भी हमारे समाज में छुप कर किया जाता है। मुझे पूर्वजन्*म की घटनायें सपनों के रूप में याद आती है इसलिये मैं आपको एक-एक कर सुनाउगा।
वर्तमान जन्*म में, भले ही आप स्*वयं को या मुझे आधुनिक कहें,,,, लेकिन कुछ फेन्*टेसीज ऐसी है जो आज के समाज में पूरी नहीं हो सकती .... इसमे मैं आपको अपनी इच्*छायें बताउगां जिनमें से कुछ पूरी हुई और कुछ बाकी है।

तो दोस्*तों आपको फैसला करना है कि आप पहले कबीले के अनोखे रीति'रिवाज जानेगें या मेरी फेन्*टेसीज . . .
जल्*दी से बतायें और इस कथा'क्रम को आगे बढाने में मेरी सहायता करे
आपका अपना- 'जे'

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  #2  
Old 23rd December 2012
nudedevil1975 nudedevil1975 is offline
 
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आपको एक रीवाज के बारे में बतायें जो मेरे कबीले में हैं- वहॉं जब जवांई ससुराल आता है तो जवाई-गोठ होती है। सोचीये और बताईये, आपके िहसाब से क्*या होती है जवांई गोठ

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  #3  
Old 23rd December 2012
nudedevil1975 nudedevil1975 is offline
 
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जब जवाई आता है तो बडी तैयािरयॉं होती है कबीले में, सबसे पहले खाने-पीने के िलये एक से एक पकवान, नॉनवेज एवं पीने के लिये मदिरा की व्*यवस्*था की जाती है।
तो मैं आपको बताता हॅू कि जब मैं पहली बार अपनी ससुराल गया तो क्*या हुआ-
हम सुबह ही निकल पडे थे, मेरे साथ मेरे भरोसे के 5 सैनिक (1 प्रमुख, 2 उप प्रमुख एवं 2 विशेष अंगरक्षक) थे। उन्*हें हमारे आने की पूर्व सूचना थी तो ग्राम के बाहर से ही ग्राम की कन्*याओं द्वारा फूलों से स्*वागत किया जा रहा था। एक स्*थान पर तो ढोल वादन हो रहा था एवं कुछ कन्*यायें एवं महिलायें उत्*तेजक ऩत्*य कर रही थी। मैं बता दू कि इस कबीले में पुरूष नंगे बदन रहते हैं एवं धोती/ या लूंगी जैसा वस्*त्र कमर पर धारण करते हैं, केवल धनाढय एवं राजपरिवार के पुरूष एवं सैनिक ही अंगरखा जैसा वस्*त्र उपरी शरीर पर पहनते है।
हम ज्*योंहि ससुराल की चौखट पर पहुंचे, परिवार के मुख्यिा ने हाथ जोडकर अभिवादन किया एवं पीछे हट गया। उसके बाद सारा स्*वागत घर की कन्*याओं एवं महिलाओं द्वारा ही किया जाना था। कन्*या की माता, अर्थात मेरी सास एक थाल में दीपक लेकर आई, एवं घुटनों के बल बैठकर आरती उतारने लगी। आरती के बाद उसी स्थिति में मेरे लिगं के समक्ष आ गई एवं कपडों के उपर से ही उसे चूमा। उसके बाद निवेदन किया कि मैं अपना लिगं बाहर निकालूं। मेरी सास द्वारा अपनी जीभ एवं मुख से मुख-मैथुन प्रांरभ किया गया, एवं तत्*समय मेरी 2 सालियॉं एवं 1 सलहज वहीं द्वार पर उपरी आवरण हटाकर नग्*न खडी रही ताकि प्रथा के अनुसार यदि मेरी इच्*छा हो तो मैं उनमें से किसी एक को या सभी को मेरे पास बुला कर छू सकू या चुम्*बन ले सकू या स्*तन मर्दन कर सकू.... मुझे मेरी सलहज अति सुन्*दर एवं कामुक लगती है तो मैंने उन्*हें इशारे से बुलाया, लगभग 35 वर्षीय वह यौवना तत्*काल मेरे निकट आ खडी हुई, स्*तनों पर एक हाथ रखते हुए मैंने दूसरा हाथ उनके विशााल नितम्*बों पर रखा एवं उनका नीचे का वस्*त्र िखसकाने की चेष्*ठा की। हालांकि यह प्रथा के अनुरूप नहीं था, मैं उस समय केवल उनके उपरी शरीर का ही मर्दन कर सकता था किन्*तु जंवाई होने के नाते यह विशेष अधिकार भी था। तत्*काल उन्*होनें गांठ खोली और उनका वस्*त्र भूमि पर था। मैंने नितम्*बों का मजा लेते हुए उनके गुदा द्वार को टटोला और ठिठोली के रूप में उंगली गुदा में प्रवेश करवा दी। मेरी सास ने यह देखकर अपनी गति बढा दी, और बडे ही सलीके से पूरे लिगं को मुंह में समा लिया। सलहज की गुदा का स्*पर्श और सास के मुख'मैथुन से निश्*चय ही लिगं को भी चरमोत्*कर्ष पर आना ही था। सास ने वीर्य को मुंह में ही लिया और झुककर अभिवादन करते हुए अन्*दर आने का न्*यौता दिया पर मेरा मन सलहज के शरीर से हाथ हटाने का नहीं थाा
उसके बाद आता है जवांई के मनोरंजन का प्रबंध, इसके लिये खाना खाते समय

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  #4  
Old 28th December 2012
rinku2005 rinku2005 is offline
 
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mast hai

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  #5  
Old 28th December 2012
meripyas_bujhao meripyas_bujhao is offline
 
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meripyas_bujhao is beginning to get noticed
very hot pls update the thread soon

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  #6  
Old 26th February 2013
femaleworship femaleworship is offline
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good, continue

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